तक्षक कालसर्प योग

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तक्षक कालसर्प योग की भारतीय ज्योतिष में प्रचलित परिभाषा के अनुसार जब राहू किसी कुंडली में सातवें घर में स्थित हों, केतु कुंडली के पहले घर में स्थित हों तथा शेष सारे ग्रह राहू और केतु के बीच में स्थित हों अर्थात शेष सारे ग्रह सातवें घर से पहले घर के बीच में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में तक्षक कालसर्प योग बनता है जो जातक के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कई प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है। किन्तु यहां पर यह बात ध्यान रखने योग्य है कि तक्षक कालसर्प योग की प्रचलित परिभाषा में दी गईं शर्तें किसी कुंडली में इस दोष का निर्धारण करने के लिए अपने आप में पूर्ण तथा सक्षम नहीं हैं तथा तक्षक कालसर्प योग के किसी कुंडली में उपस्थित होने के लिए कुंडली में उपस्थित और भी कई तथ्यों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना अति आवश्यक है जिसके पश्चात ही किसी कुंडली विशेष में इस दोष की उपस्थिति को निरधारित किया जा सकता है। इनमें से अधिकतर तथ्यों का वर्णन मैने अनंत कालसर्प योग नामक लेख में किया है तथा पाठक इस लेख को पढ़कर इन तथ्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आइए अब तक्षक कालसर्प दोष के किसी कुंडली में उपस्थित होने की स्थिति में जातक के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर इस दोष के दुष्प्रभावों के बारे में चर्चा करते हैं।

                           कुंडली में तक्षक काल सर्प योग के प्रभाव के कारण जातक के व्यक्तित्व पर विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा इस दोष के कारण कुछ जातक सामान्य से अधिक या फिर बहुत अधिक मोटे हो जाते हैं जबकि दूसरी ओर इस दोष के प्रभाव के कारण कुछ जातक सामान्य से कुछ पतले या फिर बहुत पतले हो जाते हैं तथा देखने में बहुत कमजोर लगते हैं। तक्षक कालसर्प योग के प्रभाव में आने वाले अधिकतर जातक मोटे ही हो जाते हैं तथा केवल कुछ जातक ही इस दोष के प्रभाव के कारण पतले या बहुत पतले देखे जाते हैं। इसी प्रकार इस योग के प्रभाव में आने वाले कई जातकों का कद सामान्य से कम या फिर बहुत कम देखा जाता है जबकि तक्षक कालसर्प योग के प्रभाव में आने वाले कुछ जातक सामान्य से लंबे भी देखे जाते हैं हालांकि इस योग के प्रभाव में आने वाले अधिकतर जातक सामान्य से छोटे कद के ही देखे जाते हैं। कुंडली में उपस्थित तक्षक कालसर्प योग जातक के मानसिक विकास पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है जिसके कारण इस योग से पीड़ित कई जातकों का मानसिक विकास सामान्य रुप से नहीं हो पाता तथा ऐसे जातक मानसिक रुप से कमजोर रह जाते हैं जिसके कारण इनकी शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता तथा सीखे हुए ज्ञान से लाभ उठा पाने की क्षमता भी सामान्य से कम हो जाती है। तक्षक कालसर्प योग का प्रबल प्रभाव जातक को मंदबुद्धि बना सकता है जिसके कारण उसे जीवन भर कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुंडलीं में इस योग के अति बलवान होने पर तथा कुंडली में अन्य किसी अच्छे योग के न होने पर इस योग के प्रभाव के कारण जातक मानसिक रुप से विकलांग भी हो सकता है। इस प्रकार किसी कुंडली में उपस्थित तक्षक काल सर्प योग की उपस्थिति जातक के शारीरिक अथवा मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।

                            कुंडली में तक्षक काल सर्प दोष का प्रभाव जातक के चरित्र तथा जातक के व्यवहार में भी अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है जिनके चलते जातक को समाज में अपना स्थान बनाने में कठिनाईयां आतीं हैं। उदाहरण के लिए कुंडली में तक्षक काल सर्प योग का प्रभाव जातक को निराशावादी बना सकता है तथा कुंडली में इस योग के बलवान होने पर जातक बहुत ही निराशावादी बन सकता है जिसके चलते जातक के आस पास के लोग उसके साथ समय बिताने से कतराते हैं क्योंकि ऐसे जातक अधिकतर समय निराशावादी बातें ही करते रहते हैं तथा अपने आस पास के लोगों को भी निराशामय बना देते हैं। जीवन के प्रति ऐसे जातकों का दृष्टिकोण नकारात्मक होता है तथा इन्हें अपने जीवन में कुछ भी अच्छा होने की आशा नहीं होती जिसके कारण ऐसे जातक जीवन में कई बार कुछ अच्छा करने का अवसर भी गंवा देते हैं। इसके अतिरिक्त किसी कुंडली में तक्षक काल सर्प योग का प्रभाव जातक के चरित्र तथा व्यवहार में और भी कई प्रकार के विकार पैदा कर सकता है जिनके कारण इस योग से पीड़ित जातक सनकी, बैचेन, क्रूर, आक्रामक, अहंकारी तथा बदतमीज भी हो सकते हैं तथा अपनी इन आदतों के कारण इन्हें अपने जीवन में बहुत से अच्छे लोगों तथा अच्छे अवसरों से हाथ धोना पड़ सकता है।

                      तक्षक कालसर्प योग की कुंडली में उपस्थिति जातक के वैवाहिक जीवन पर भी बुरा प्रभाव डालती है तथा इस योग से पीड़ित जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती हैं जिनकी गंभीरता कुंडली में इस दोष के बल तथा जातक एवम जातक की पत्नि की कुंडली में उपस्थित अन्य अच्छे तथा बुरे योगों पर निर्भर करती है। इस दोष के प्रभाव के कारण जहां कुछ जातक मादक पदार्थों के सेवन के आदी हो जाते हैं जिसके कारण उनके वैवाहिक जीवन में समस्याएं पैदा हो जाती हैं तो वहीं पर कुछ जातक विवाह के पश्चात प्रेम संबंधों में पड़ जाते हैं जिनके कारण इन जातकों के वैवाहिक जीवन में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस योग के दुष्प्रभाव के कारण विवाहोपरान्त प्रेम संबंधों में लिप्त जातक की समाज में इन प्रेम संबंधों के पता चल जाने के कारण बहुत बदनामी भी हो सकती है तथा जातक का अपनी पत्नि के साथ लंबा अलगाव अथवा तलाक भी हो सकता है। कुंडली में तक्षक कालसर्प योग का प्रभाव अति प्रबल होने पर जातक कई प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन का आदी हो जाता है तथा जातक अपनी पत्नि के अतिरिक्त कई अन्य औरतों के साथ शारीरिक संबंध बनाता है। ऐसे जातक की शारीरिक सुख प्राप्त करने की लालसा बहुत बढ़ जाती है तथा अपनी इस शारीरिक भूख को मिटाने के लिए जातक बहुत सारे प्रेम संबंध बना सकता है तथा ऐसा जातक वेश्यावृति का आदी भी हो सकता है जिसके चलते जातक का बहुत सा धन अपनी शारीरिक भूख मिटाने के लिए ही लग जाता है तथा जातक को अपने जीवन में समय समय पर धन की कमी का सामना करना पड़ता है।

                   तक्षक कालसर्प योग के अति प्रबल होने पर जातक नशीले पदार्थों के सेवन तथा बहुत सारी औरतों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के कारण कई प्रकार के रोगों का शिकार भी बन सकता है। कुंडली में तक्षक कालसर्प योग के अति प्रबल होने पर तथा कुंडली में किन्हीं अन्य विशेष प्रकार के दोषों के उपस्थित होने पर जातक को किसी जानलेवा गुप्त रोग से पीड़ित स्त्री के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर यह जानलेवा गुप्त रोग हो सकता है जिसके कारण जातक का बहुत सा धन इसके ईलाज में लग जाता है तथा सब प्रकार के ईलाज के पश्चात भी जातक की मृत्यु हो सकती है।

लेखक
हिमांशु शंगारी