नीच का मंगल 01

Important Yogas in Vedic Astrology
Book Your Consultation at AstrologerPanditji.com
Buy This Book in India!
Buy This Book in USA!
Buy This Book in UK and Europe!

हमारा टी वी कार्यक्रम कर्म कुण्डली और ज्योतिष YouTube पर देखने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Read This Page in English

संबंधित लेख : नीच का मंगल 02 , कुंडली में नीच के ग्रह

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि में स्थित होने पर मंगल को नीच का मंगल कहा जाता है जिसका साधारण शब्दों में अर्थ यह होता है कि कर्क राशि में स्थित होने पर मंगल अन्य सभी राशियों की तुलना में सबसे बलहीन हो जाते हैं। कुछ वैदिक ज्योतिषी यह मानते हैं कि कुंडली में नीच का मंगल सदा अशुभ फलदायी होता है जो सत्य नहीं है क्योंकि कुंडली में मंगल का नीच होना केवल उसके बल को दर्शाता है तथा उसके शुभ या अशुभ स्वभाव को नहीं जिसके चलते किसी कुंडली में नीच का मंगल शुभ अथवा अशुभ दोनों प्रकार के फल ही प्रदान कर सकता है जिसका निर्णय उस कुंडली में मंगल के शुभ अशुभ स्वभाव को देखकर ही लिया जा सकता है। आज के इस लेख में हम कुंडली के विभिन्न 12 घरों में स्थित होने पर नीच के मंगल द्वारा प्रदान किये जाने वाले कुछ संभावित शुभ तथा अशुभ फलों के बारे में विचार करेंगे।

कुंडली के पहले घर में नीच का मंगल : किसी कुंडली के पहले घर अर्थात लग्न में स्थित नीच का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को उसके जीवन के अनेक क्षेत्रों से संबंधित शुभ फल प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया व्यवसायिक रूप से सफल देखे जाते हैं। इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले अधिकतर जातक अपने व्यवसायिक क्षेत्रों में अपने प्रयासों तथा विशेषताओं के कारण ही सफलता प्राप्त करते हैं। कुंडली के पहले घर में स्थित शुभ नीच का मंगल कुंडली में मांगलिक योग का निर्माण भी कर सकता है जो वैदिक ज्योतिष का एक शुभ योग है तथा जिसके कारण जातक का वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के पहले घर में स्थित नीच का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र पर बुरा प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों का व्यवसाय देर से अथवा बहुत देर से ही स्थापित हो पाता है तथा इनमें से कुछ जातकों को अपने जीवन में समय समय पर व्यवसाहीन भी रहना पड़ सकता है। कुंडली के पहले घर में स्थित अशुभ नीच का मंगल कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण भी कर सकता है जिसके अशुभ प्रभाव के कारण जातक के विवाह तथा वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकतीं हैं तथा इस प्रकार के मांगलिक दोष से पीड़ित कुछ जातकों का विवाह टूट भी सकता है।

कुंडली के दूसरे घर में नीच का मंगल : किसी कुंडली के दूसरे घर में स्थित नीच का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को धन, संपत्ति तथा आर्थिक समृद्धि प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक धनी अथवा बहुत धनी हो सकते हैं तथा ऐसे जातक सामान्यतया अपने प्रयास और मित्रों के सहयोग से धन कमाते हैं। कुंडली के दूसरे घर में स्थित शुभ नीच का मंगल कुंडली में मांगलिक योग का निर्माण भी कर सकता है जिसके शुभ प्रभाव के कारण जातक को अपने विवाह से सुख अथवा बहुत सुख प्राप्त हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के दूसरे घर में स्थित नीच का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक को गंभीर आर्थिक समस्याओं से पीड़ित कर सकता है जिसके कारण इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने जीवन में समय समय पर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है तथा अपना जीवन निर्वाह चलाने के लिए धन का ॠण भी लेना पड़ सकता है। कुंडली के दूसरे घर में स्थित अशुभ नीच का मंगल कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण भी कर सकता है जिसके कारण जातक के विवाह और वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकतीं है और परिणामस्वरूप इस प्रकार के कुछ जातकों का विवाह देर से अथवा बहुत देर से हो सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों के एक अथवा एक से अधिक विवाह टूट सकते हैं।

कुंडली के तीसरे घर में नीच का मंगल : किसी कुंडली के तीसरे घर में स्थित नीच का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता के लिए आवश्यक विशेषताएं प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले अनेक जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कुंडली के तीसरे घर में स्थित शुभ नीच का मंगल जातक को ससुराल पक्ष की ओर से लाभ भी प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक अपने ससुराल पक्ष के लोगों के साथ मिलकर व्यवसाय कर सकते हैं जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों के ससुराल पक्ष वाले इन जातकों को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए धन अथवा अन्य प्रकार की सहायता प्रदान कर सकते हैं। वही दूसरी ओर, कुंडली के तीसरे घर में स्थित नीच का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र पर दुष्प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने व्यवसाय के माध्यम से असफलता तथा धन हानि का सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को जीवन में अनेक बार अपना व्यवसाय बदलना भी पड़ सकता है। कुंडली के तीसरे घर में स्थित अशुभ नीच का मंगल जातक के वैवाहिक जीवन को भी विपरीत रुप से प्रभावित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का विवाह देर से हो सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों के गंभीर समस्याओं के चलते एक अथवा एक से अधिक विवाह टूट सकते हैं।

कुंडली के चौथे घर में नीच का मंगल : किसी कुंडली के चौथे घर में स्थित नीच का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक के विवाह तथा वैवाहिक जीवन पर शुभ प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातकों का वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है तथा इन जातकों का वैवाहिक जीवन उस स्थिति में और भी अच्छा हो जाता है जब कुंडली के चौथे घर में स्थित शुभ नीच का मंगल कुंडली में मांगलिक योग का निर्माण करता हो। कुंडली के चौथे घर में स्थित शुभ नीच का मंगल जातक के व्यवसायिक क्षेत्र पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अनेक जातक व्यवसायिक रूप से सफल और स्थिर रहते हैं और इस प्रकार के जातकों को सामान्यतया कठिन शारीरिक श्रम वाला काम नहीं करना पड़ता। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के चौथे घर में स्थित नीच का मंगल अशुभ होने की स्थिति में कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण कर सकता है जिसके दुष्प्रभाव के कारण जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं आ सकतीं हैं तथा इस प्रकार के कुछ जातकों को शारीरिक हिंसा का सामना भी करना पड़ सकता है। कुंडली के चौथे घर में स्थित अशुभ नीच का मंगल जातक के व्यवसाय को भी विपरीत रूप से प्रभावित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों का व्यवसाय स्थिर नहीं रह पाता तथा इन जातकों को जीवन में बार बार अपना व्यवसाय बदलना पड़ सकता है।

कुंडली के पांचवें घर में नीच का मंगल : किसी कुंडली के पांचवें घर में स्थित नीच का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को शिक्षा से संबंधित शुभ परिणाम दे सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले अनेक जातक अच्छी अथवा बहुत अच्छी शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं तथा इनमें से कुछ जातक उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपनी शिक्षा के आधार पर व्यवसायिक सफलता तथा धन की प्राप्ति भी कर सकते हैं। कुंडली के पांचवें घर में स्थित शुभ नीच का मंगल जातक को आर्थिक समृद्धि तथा सुखी पारीवारिक जीवन भी प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के जातक सामान्यतया आर्थिक रूप से समृद्ध और पारीवारिक रूप से सुखी रहते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के पांचवें घर में स्थित नीच का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक के आर्थिक पक्ष को विपरीत रूप से प्रभावित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने जीवन में समय समय पर धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को अपनी शिक्षा और योग्यता की तुलना में कम अथवा बहुत कम धन प्रदान करने वाले किसी व्यवसाय को करना पड़ सकता है। कुंडली के पांचवें घर में स्थित अशुभ नीच का मंगल जातक को संतान जन्म से संबंधित समस्याएं भी दे सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को संतान का सुख देर से अथवा बहुत देर से प्राप्त हो सकता है।

कुंडली के छठे घर में नीच का मंगल : किसी कुंडली के छठे घर में स्थित नीच का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक अनेक प्रकार के व्यवसायिक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं तथा इनमें से कुछ जातक पुलिस अधिकारी, सैन्य अधिकारी, किसी अन्य प्रकार के सुरक्षा बल में काम करने वाले जातक, चिकित्सक, वकील, जज आदि भी हो सकते हैं। कुंडली के छठे घर में स्थित शुभ नीच के मंगल के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को जीवन में समय समय पर अपने भाई बहनों के माध्यम से, किसी न्यायालय के निर्णय के माध्यम से अथवा किसी झगड़े के माध्यम से धन लाभ प्राप्त हो सकता है। वहीं दूसरी ओर कुंडली के छठे घर में स्थित नीच का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक क्षेत्र से संबंधित चिंताएं प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने आप को व्यवसायिक रूप से स्थापित करने लिए बहुत संघर्ष तथा लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातक विभिन्न प्रकार के अवैध कार्यों में संल्गन हो सकते हैं जिसके कारण इनमें से कुछ जातकों को मानहानि तथा कारावास का सामना करना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों को आपराधिक गतिविधियों में संल्गन होने के कारण किसी प्रकार की शारीरिक क्षति का सामना भी करना पड़ सकता है। कुंडली के छठे घर में स्थित अशुभ नीच का मंगल जातक को विभिन्न प्रकार के रोगों से पीड़ित भी कर सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को लंबे समय तक चलने वाले अथवा स्थायी, बहुत कष्ट देने वाले तथा प्राण घातक रोग भी लग सकते हैं।

लेखक
हिमांशु शंगारी