नीच का बृहस्पति 02

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संबंधित लेख : नीच का बृहस्पति 01 , कुंडली में नीच के ग्रह

पिछले लेख में हमने नीच के बृहस्पति के कुंडली के पहले घर से लेकर कुंडली के छठे घर तक स्थित होने से जातक को मिलने वाले संभावित शुभ अशुभ फलों के बारे में चर्चा की थी तथा इस लेख में हम नीच के बृहस्पति के कुंडली के सातवें घर से लेकर कुंडली के बारहवें घर तक स्थित होने से जातक को मिलने वाले संभावित शुभ अशुभ फलों के बारे में चर्चा करेंगे।

कुंडली के सातवें घर में नीच का गुरु : किसी कुंडली के सातवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति शुभ होने की स्थिति में जातक के विवाह तथा वैवाहिक जीवन पर शुभ प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातकों का विवाह समयानुसार ही हो जाता है तथा ऐसे जातकों को वैवाहिक जीवन भी सामान्यतया अच्छा ही रहता है। कुंडली में इस प्रकार के शुभ नीच बृहस्पति का प्रभाव जातक के व्यवसायिक क्षेत्र को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले अनेक जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक क्षेत्रों में कार्यरत होकर सफलता तथा धन प्राप्त कर सकते हैं और इस प्रकार के कुछ जातक व्यापार के माध्यम से भी धन अर्जित कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के सातवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है जिसक चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का वैवाहिक जीवन इनके लिए बहुत दुखदायी सिद्ध हो सकता है तथा ऐसे जातकों को अपने वैवाहिक जीवन में निरंतर झगड़ों, वाद विवादों, शारीरिक हिंसा, पुलिस शिकायतों तथा अन्य अनेक प्रकार के कष्टों और संक्टों का सामना करना पड़ सकता है और इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों के एक अथवा एक विवाह बहुत बुरी परिस्थितियों में टूट सकते हैं। कुंडली में इस प्रकार के अशुभ नीच बृहस्पति के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का तलाक बहुत नाटक, शारीरिक हिंसा, मानसिक संताप, पुलिस केस अथवा कोर्ट केस आदि के पश्चात ही हो पाता है। कुंडली के सातवें घर में स्थित अशुभ नीच का बृहस्पति जातक के स्वास्थ्य को भी विपरीत रूप से प्रभावित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक विभिन्न प्रकार के रोगों से पीड़ित हो सकते हैं।

कुंडली के आठवें घर में नीच का गुरु : किसी कुंडली के आठवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता तथा आर्थिक संपन्नता प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं तथा इनमें से कुछ जातक जीवन में समय समय पर व्यवसाय के अतिरिक्त अन्य माध्यमों से भी धन प्राप्त करते रहते हैं। कुंडली में शुभ नीच बृहस्पति के इस प्रकार के प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया कठिन शारीरिक श्रम वाले व्यवसाय नहीं करते और इन जातकों को किसी ऐसे व्यवसाय की प्राप्ति हो जाती है जिसमें अधिक शारीरिक श्रम न करना पड़ता हो। कुंडली के आठवें घर में स्थित शुभ नीच का बृहस्पति जातक को किसी सरकारी संस्था या विभाग में लाभ, प्रतिष्ठा तथा प्रभुत्व वाले किसी पद की प्राप्ति भी करवा सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक विभिन्न राजकीय विभागों में महत्वपूर्ण पदों की प्राप्ति कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के आठवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति अशुभ होने की स्थिति में जातक के विवाह तथा वैवाहिक जीवन में विचित्र प्रकार की किन्तु गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का विवाह बहुत देर से हो सकता है अथवा इस प्रकार के कुछ जातकों को आजीवन अविवाहित ही रहना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों का विवाह शारीरिक अथवा मानसिक रूप से विकलांग स्त्री के साथ हो सकता है अथवा ऐसे जातकों की पत्नियां विवाह के पश्चात किसी गंभीर शारीरिक या मानसिक रोग से पीड़ित हो सकतीं है जिसके चलते इन जातकों को अपने जीवन में लंबे समय तक अथवा जीवन भर अपनी पत्नियों की सेवा और देखभाल करनी पड़ती है और उनका दायित्व भी स्वयम ही पूरा करना पड़ता है। कुंडली के आठवें घर में स्थित अशुभ नीच का बृहस्पति जातक के अपने स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक विभिन्न प्रकार के कष्टकारी रोगों से पीड़ित हो सकते हैं तथा इनमें से कुछ जातक किसी प्राण घातक रोग से भी पीड़ित हो सकते हैं।

कुंडली के नौवें घर में नीच का गुरु : किसी कुंडली के नौवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता तथा धन प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायों के माध्यम से धन कमा सकते हैं तथा इस प्रकार के कुछ जातक किसी ऐसे अवसर अथवा व्यवसाय के माध्यम से भी धन कमा सकते हैं जो इन जातकों का स्थायी व्यवसाय न हो तथा ऐसे जातक ऐसे कार्य अथवा व्यवसाय को छोटी अवधि के लिए करते हैं और लाभ अर्जित कर पाते हैं। कुंडली के नौवें घर में स्थित शुभ नीच का बृहस्पति जातक को आध्यात्म तथा परा विज्ञान के क्षेत्रों में विकसित भी कर सकता है और इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को लाटरी तथा शेयर बाजार जैसे क्षेत्रों के माध्यम से भी धन लाभ हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के नौवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति अशुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसाय से संबंधित गंभीर समस्याएं प्रदान कर सकता है तथा इन समस्याओं की गंभीरता उस स्थिति में और भी बढ़ सकती है जब इस प्रकार का अशुभ नीच का बृहस्पति कुंडली के नौवें घर में पितृ दोष का निर्माण कर दे। इस प्रकार के पितृ दोष के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को लंबे समय तक व्यवसायहीन रहना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों को अपने व्यवसाय के माध्यम से जीवन में अनेक बार धन हानि का सामना करना पड़ सकता है और किसी कुंडली में इस प्रकार के पितृ दोष का प्रभाव प्रबल होने पर जातक को भारी अपयश तथा बदनामी का सामना भी करना पड़ सकता है। कुंडली के नौवें घर में स्थित अशुभ नीच का बृहस्पति जातक के वैवाहिक जीवन में भी विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है तथा इस प्रकार के कुछ जातकों का विवाह टूट भी सकता है।

कुंडली के दसवें घर में नीच का गुरु : किसी कुंडली के दसवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक क्षेत्रों के माध्यम से धन अर्जित कर सकते हैं तथा इस प्रकार के कुछ जातक अपने पिता के द्वारा शुरु किये गये व्यवसाय को ही आगे बढ़ाते हैं अथवा इन जातकों के व्यवसाय की स्थापना में इनके पिता का बहुत योगदान होता है और ऐसे कुछ जातक तो अपने पिता के साथ मिलकर ही लंबे समय तक व्यवसाय कर सकते हैं। कुंडली के दसवें घर में स्थित शुभ नीच का बृहस्पति जातक का संबंध विदेशों से भी जोड़ सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक व्यवसाय के संबंध में विदेश जा सकते हैं तथा लंबे समय के लिए विदेश में ही बस सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के दसवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र को बुरी प्रकार से प्रभावित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने व्यवसाय के माध्यम से हानि का सामना करना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों का व्यवसाय स्थिर नहीं रह पाता तथा इन जातकों को समय समय पर अपना व्यवसाय बदलते रहना पड़ सकता है। कुंडली के दसवें घर में स्थित अशुभ नीच बृहस्पति के प्रभाव में आने वाले कुछ जातक विभिन्न प्रकार के अनैतिक तथा अवैध कार्यों में भी संलग्न हो सकते हैं तथा इनमें से कुछ जातकों को ऐसे कार्यों के चलते किसी गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है अथवा लंबे समय के लिए कारावास भी जाना पड़ सकता है।

कुंडली के ग्यारहवें घर में नीच का गुरु : किसी कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता, आर्थिक समृद्धि तथा धन लाभ प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले अनेक जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायों के माध्यम से तथा अन्य माध्यमों से समय समय पर धन लाभ प्राप्त करते रहते हैं। इस प्रकार के शुभ नीच बृहस्पति के प्रभाव में आने वाले कुछ जातक व्यापार के माध्यम से भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं और इनमें से कुछ जातक व्यापार के माध्यम से बहुत धन, यश, प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि भी अर्जित कर सकते हैं। कुंडली के दसवें घर में स्थित शुभ नीच के बृहस्पति के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया अपने प्रयासों और भाग्य के चलते ही सफलता और धन अर्जित करते हैं न कि उत्तारधिकार में प्राप्त किसी प्रकार के व्यवसाय की सहायता से। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने आप को व्यवसायिक रूप से स्थापित करने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातक बहुत लंबी आयु तक अपने आप को व्यवसायिक रूप से स्थापित नहीं कर पाते जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों को जीवन में बार बार अपना व्यवसाय बदलना पड़ सकता है तथा लंबे समय के लिए व्यवसायहीन भी रहना पड़ सकता है। कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित अशुभ नीच बृहस्पति का प्रभाव जातक को स्वास्थय समस्याओं और रोगों से पीड़ित भी कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ नीच बृहस्पति के प्रभाव में आने वाले अनेक जातकों को सामान्यतया किसी न किसी प्रकार की स्वास्थय संबंधी समस्या या रोग अवश्य रहता है तथा इस प्रभाव के कुंडली में प्रबल होने की स्थिति में जातक को लंबे समय तक चलने वाला या स्थायी रोग भी लग सकता है जो जातक के लिए समय समय पर कष्ट का कारण बन सकता है।

कुंडली के बारहवें घर में नीच का गुरु : किसी कुंडली के बारहवें घर में स्थित नीच का बृहस्पति शुभ होने की स्थिति में जातक का संबंध विदेशों के साथ स्थापित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक व्यवसाय के आधार पर विदेश जाकर स्थायी रूप से वहीं बस जाते हैं जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातक व्यवसाय के संबंध में विदेशों में आते जाते रहते हैं और इस प्रकार ऐसे जातकों का किसी न किसी प्रकार से विदेशों के साथ व्यवसायिक संबंध बना रहता है। कुंडली के बारहवें घर में स्थित शुभ नीच का बृहस्पति जातक को आध्यात्मिक विकास भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक स्वयम को आध्यात्मिक रूप से बहुत विकसित करने में तथा परा जगत के साथ संबंध स्थापित करने में भी सफल हो सकतें हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के बारहवें घर में स्थित नीच का गुरु अशुभ होने की स्थिति में जातक को गंभीर आर्थिक समस्याओं से पीड़ित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक जीवन भर आर्थिक समस्याओं से जूझते रहते हैं तथा वांछित और अवांछित खर्चों की अधिकता के कारण ऐसे जातक जीवन में लाखों या करोड़ों का धन कमाने के पश्चात भी आर्थिक रूप से चिंतित ही रहते हैं। कुंडली में इस प्रकार के अशुभ नीच बृहस्पति का प्रभाव जातक के स्वास्थय पर भी विपरीत असर डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को मधुमेह आदि जैसे रोग लग सकते हैं। कुंडली के बारहवें घर में स्थित अशुभ नीच का बृहस्पति जातक के वैवाहिक जीवन में भी समस्याएं पैदा कर सकता है जिनके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को लंबे समय के लिए अपनी पत्नी तथा परिवार से दूर रहना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों का वैवाहिक जीवन विभिन्न कारणों के चलते बहुत दुखमय रह सकता है।

              इस प्रकार कुंडली के प्रत्येक घर में स्थित नीच का बृहस्पति कुंडली में शुभ होने की स्थिति में जातक को शुभ फल तथा अशुभ होने की स्थिति में जातक को अशुभ फल प्रदान कर सकता है। इसलिए किसी कुंडली के किसी घर में केवल नीच के बृहस्पति के स्थित होने से ही यह निर्णय नहीं ले लेना चाहिए कि ऐसा नीच का बृहस्पति जातक को सदा अशुभ फल ही देगा तथा कुंडली में ऐसे नीच के बृहस्पति के फलों का निर्णय करने से पूर्व कुंडली में बृहस्पति के शुभ अथवा अशुभ स्वभाव का भली भांति निरीक्षण कर लेना चाहिए तथा तत्पश्चात ही कुंडली में उपस्थित नीच के बृहस्पति के शुभ अथवा अशुभ फलों का निर्णय करना चाहिए।

लेखक
हिमांशु शंगारी