उच्च का मंगल 02

Important Yogas in Vedic Astrology
Book Your Consultation at AstrologerPanditji.com
Buy This Book in India!
Buy This Book in USA!
Buy This Book in UK and Europe!

हमारा टी वी कार्यक्रम कर्म कुण्डली और ज्योतिष YouTube पर देखने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Read This Page in English

संबंधित लेख : उच्च का मंगल 01 , कुंडली में उच्च के ग्रह

पिछले लेख में हमने उच्च के मंगल के कुंडली के पहले घर से लेकर कुंडली के छठे घर तक स्थित होने से जातक को मिलने वाले संभावित शुभ अशुभ फलों के बारे में चर्चा की थी तथा इस लेख में हम उच्च के मंगल के कुंडली के सातवें घर से लेकर कुंडली के बारहवें घर तक स्थित होने से जातक को मिलने वाले संभावित शुभ अशुभ फलों के बारे में चर्चा करेंगे।

कुंडली के सातवें घर में उच्च का मंगल : किसी कुंडली के सातवें घर में स्थित उच्च का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन को बहुत सुखमय बना सकता है, विशेषतया तब जब इस प्रकार का शुभ उच्च मंगल कुंडली में शुभ फलदायी मांगलिक योग बना रहा हो जिसके चलते ऐसे जातक को अपने विवाह से बहुत सुख प्राप्त हो सकता है तथा इस प्रभाव के चलते जातक को ऐसी पत्नी प्राप्त हो सकती है जो एक सहयोगी तथा मित्र की भांति जातक को उसके जीवन के हर कार्य में सहायता प्रदान करती हो जिसके चलते जातक अपने जीवन के अनेक क्षेत्रों में अपनी पत्नी के सहयोग के कारण अपेक्षाकृत अधिक सफलता प्राप्त कर सकता है। कुंडली के सातवें घर में स्थित उच्च के मंगल का प्रभाव जातक को व्यवहार कुशल तथा लोगों को प्रभावित करने की कला का ज्ञाता बना सकता है जिसके चलते जातक अपने व्यवसायिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। वहीं दूसरी ओर कुंडली के सातवें घर में स्थित उच्च का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है विशेषतया जब इस प्रकार का अशुभ मंगल कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण करता हो। इस प्रकार के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को विभिन्न कारणों के चलते अपनी पत्नी से लंबे समय के लिए दूर रहना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों के वैवाहिक जीवन में वाद विवाद, झगड़े, गाली गलौच तथा शारीरिक हिंसा की भरमार हो सकती है। इस प्रकार का दोष जातक के एक अथवा एक से भी अधिक विवाह तोड़ भी सकता है तथा इन जातकों को अपने पत्नी के द्वारा दी गई शिकायत के कारण पुलिस केस अथवा कोर्ट केस का सामना भी करना पड़ सकता है जिसके कारण इन जातकों को अपयश भी सहन करना पड़ सकता है।

कुंडली के आठवें घर में उच्च का मंगल : किसी कुंडली के आठवें घर में स्थित उच्च का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन को बहुत सुखमय बना सकता है, विशेषतया तब जब इस प्रकार का शुभ उच्च मंगल कुंडली में शुभ फलदायी मांगलिक योग बना रहा हो जिसके चलते ऐसे जातक को अपने विवाह से बहुत सुख प्राप्त हो सकता है। इस प्रकार के शुभ उच्च मंगल का कुंडली में प्रभाव जातक को व्यवसायिक क्षेत्र में भी शुभ फल प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक अपने व्यवसाय के माध्यम से बहुत धन कमाने में सफल हो सकते हैं। कुंडली के आठवें घर में स्थित शुभ उच्च का मंगल जातक को लंबी आयु भी प्रदान कर सकता है। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के आठवें घर में स्थित उच्च का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है विशेषतया जब इस प्रकार का अशुभ मंगल कुंडली में मांगलिक दोष बनाता हो। इस प्रकार के अशुभ मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का विवाह बहुत देर से होता है जबकि इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों के विवाह एक के बाद एक टूटते जाते हैं तथा ऐसे जातको के अनेक विवाह टूट सकते हैं और कुछ स्थितियों में इस प्रकार के कुछ जातकों को 2 या 3 विवाह टूटने के बाद जीवन भर अकेले भी रहना पड़ सकता है। कुंडली के आठवें घर में स्थित अशुभ उच्च का मंगल जातक को विभिन्न प्रकार के रोगों से भी पीड़ित कर सकता है तथा ऐसे रोग सामान्यतया लंबे समय तक चलने वाले होते हैं तथा किसी कुंडली में इस प्रकार का प्रभाव बहुत प्रबल होने की स्थिति में जातक को कोई प्राण घातक रोग भी हो सकता है अथवा जातक की किसी दुर्घटना आदि में आकस्मिक मृत्यु हो सकती है।

कुंडली के नौवें घर में उच्च का मंगल : कुंडली के नौवें घर में स्थित उच्च का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को विदेशों में ले जा सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक स्थायी रूप से विदेश में जाकर ही बस जाते हैं तथा ऐसे जातक विदेश जाकर बहुत सफलता तथा धन प्राप्त करते हैं। इस प्रकार के शुभ उच्च मंगल का प्रभाव जातक के वैवाहिक जीवन को भी सुखी बना सकता है तथा इस प्रकार के कुछ जातक विदेश में रहने वाली किसी स्त्री के साथ विवाह करके विदेश में ही स्थायी रूप से स्थापित हो जाते हैं। कुंडली के नौवें घर में स्थित शुभ उच्च मंगल का प्रभाव जातक को व्यवसायिक सफलता भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के प्रभाव में आने वाले कुछ जातक समाज में यश तथा प्रतिष्ठा भी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के नौवें घर में स्थित उच्च का मंगल अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते जातक को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में अनेक प्रकार की रुकावटों, बाधाओं, असफलताओं तथा धन की हानि का सामना करना पड़ सकता है तथा ये समस्याएं उस स्थिति में और भी गंभीर हो जातीं हैं जब इस प्रकार का अशुभ उच्च मंगल कुंडली में पित्र दोष का निर्माण कर रहा हो। इस प्रकार के पित्र दोष के प्रभाव में आने वाले जातक को अपने व्यवसाय के माध्यम से धन हानि के अतिरिक्त अपने द्वारा किये हुए किसी अनुचित कार्य के चलते बहुत अपयश अथवा बदनामी का सामना भी करना पड़ सकता है तथा इस प्रकार का पित्र दोष कुंडली में प्रबल होने की स्थिति में जातक अपने किसी अनुचित कार्य के चलते अपने पूरे परिवार की बहुत बदनामी करवा सकता है।

कुंडली के दसवें घर में उच्च का मंगल : किसी कुंडली के दसवें घर में स्थित उच्च का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को स्वस्थ शरीर तथा लंबी आयु प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक सामान्य से लंबी आयु तक जीवित रहते हैं। कुंडली में इस प्रकार के उच्च मंगल का शुभ प्रभाव जातक को व्यवसायिक सफलता भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के कुछ जातक व्यवसाय में बहुत सफल होने के कारण नाम, यश, प्रसिद्धि तथा प्रतिष्ठा भी अर्जित कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के दसवें घर में स्थित उच्च के मंगल के अशुभ होने की स्थिति में जातक को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने आप को व्यवसायिक रूप से स्थापित करने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है, बहुत सी रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है तथा बहुत बार असफलता का सामना भी करना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ अन्य जातकों को अपने व्यवसाय के माध्यम से समय समय पर धन की हानि सहन करनी पड़ सकती है। कुंडली के दसवें घर में स्थित अशुभ उच्च का मंगल जातक के वैवाहिक जीवन पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले जातकों को अपने वैवाहिक जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कुंडली के ग्यारहवें घर में उच्च का मंगल : किसी कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को धन लाभ प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ मंगल के प्रभाव में आने वाले जातक को उस स्थिति में बहुत अधिक धन की प्राप्ति हो सकती है जब ऐसा शुभ उच्च का मंगल कुंडली के ग्यारहवें घर में धन योग का निर्माण कर दे जिसके कारण जातक के आय के एक से अधिक स्तोत्र हो सकते हैं तथा जातक को अपने जीवन मे निरंतर धन की प्राप्ति होती रहती है। इस प्रकार के शुभ उच्च मंगल के विशेष प्रभाव में आने वाले कुछ जातक व्यापार के माध्यम से करोड़ों रुपये कमा सकते हैं तथा ऐसे जातक बहुत बड़े व्यापारिक साम्राज्य की स्थापना भी कर सकते हैं और अपनी व्यापारिक सफलता के कारण ऐसे जातक बहुत बड़े स्तर पर प्रसिद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च के मंगल के अशुभ होने की स्थिति में जातक को अपने व्यवसाय में बहुत सी रुकावटों तथा समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तथा इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने आप को व्यवसायिक रूप से स्थापित करने के लिए बहुत प्रयास तथा बहुत प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। इस प्रकार के अशुभ उच्च मंगल के विशेष प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को विभिन्न कारणों के चलते अपनी पत्नियों से लंबे समय के लिए दूर भी रहना पड़ सकता है जिसके कारण इन जातकों के वैवाहिक सुख में कमी आ सकती है।

कुंडली के बारहवें घर में स्थित उच्च का मंगल : किसी कुंडली के बारहवें घर में स्थित उच्च का मंगल शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक उद्देश्य से विदेश ले जा सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक व्यवसायिक आधार पर विदेश जाकर स्थायी रूप से वहीं बस सकते हैं और ऐसे जातक विदेशों में व्यवसाय स्थापित करके बहुत धन कमाने में सफल भी हो जाते हैं। इस प्रकार के शुभ उच्च मंगल का प्रभाव जातक के वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सकता है तथा यह संभावना उस स्थिति में और भी बढ़ जाती है जब ऐसा शुभ उच्च मंगल कुंडली के बारहवें घर में स्थित होकर शुभ फलदायी मांगलिक योग बना रहा हो जिसके प्रभाव के कारण जातक का वैवाहिक जीवन सुखमय तथा सफल रहता है। वहीं दूसरी ओर, कुंडली के बारहवें घर में स्थित उच्च के मंगल के अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं आ सकतीं हैं तथा यह समस्याएं उस स्थिति में और भी गंभीर हो सकतीं हैं जब इस प्रकार का अशुभ उच्च का मंगल कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण कर दे। इस प्रकार के मांगलिक दोष के दुष्प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने व्यवसाय अथवा किसी अन्य कारण के चलते अपनी पत्नी से बहुत लंबे समय तक दूर रहना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों को अपने वैवाहिक जीवन में तर्क वितर्क, वाद विवाद, मनमुटाव, लड़ाई, झगड़े आदि जैसी समस्याओं का नियमित रूप से सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों का विवाह टूट भी सकता है। कुंडली के बारहवें घर में स्थित अशुभ उच्च का मंगल जातक को विभिन्न प्रकार के रोगों से पीड़ित भी कर सकता है तथा किसी कुंडली में ऐसे प्रभाव के बहुत प्रबल होने पर जातक को कोई प्राण घातक रोग भी लग सकता है जो लंबे समय तक जातक को कष्ट देते रहने के पश्चात जातक के प्राण हर सकता है।

         इस प्रकार कुंडली के प्रत्येक घर में स्थित उच्च का मंगल कुंडली में शुभ होने की स्थिति में जातक को शुभ फल तथा अशुभ होने की स्थिति में जातक को अशुभ फल प्रदान कर सकता है। इसलिए किसी कुंडली के किसी घर में केवल उच्च के मंगल के स्थित होने से ही यह निर्णय नहीं ले लेना चाहिए कि ऐसा उच्च का मंगल जातक को सदा शुभ फल ही देगा तथा कुंडली में ऐसे उच्च के मंगल के फलों का निर्णय करने से पूर्व कुंडली में मंगल के शुभ अथवा अशुभ स्वभाव का भली भांति निरीक्षण कर लेना चाहिए तथा तत्पश्चात ही कुंडली में उपस्थित उच्च के मंगल के शुभ अथवा अशुभ फलों का निर्णय करना चाहिए।

लेखक
हिमांशु शंगारी