बारहवें घर में मांगलिक दोष

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किसी कुंडली के बारहवें घर में अशुभ तथा दोषकारी मंगल के स्थित हो जाने से कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण हो जाता है जो जातक के वैवाहिक जीवन में तथा जीवन के अन्य कई क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है। यहां पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि किसी कुंडली के बारहवें घर में मांगलिक दोष बनाने के लिए मंगल का केवल बारहवें घर में स्थित होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि बारहवें घर में स्थित मंगल का अशुभ तथा दोषकारी होना भी आवश्यक है। बारहवें घर में स्थित मंगल के अशुभ तथा दोषकारी न होने की स्थिति में कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण नहीं होता तथा इसके विपरीत बारहवें घर में शुभ तथा योगकारी मंगल के स्थित होने से कुंडली में मांगलिक योग का निर्माण हो जाता है जिसके कारण जातक को अपने वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार के शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। मांगलिक दोष के निर्माण के लिए आवश्यक नियमों तथा स्थितियों को जानने के लिए पाठक मांगलिक दोष नामक लेख पढ़ सकते हैं। इस लेख में हम चर्चा करेंगें कि किसी कुंडली में वास्तविक रूप से बारहवें घर में मांगलिक दोष बन जाने से जातक को किन प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

                  कुंडली के बारहवें घर में बनने वाला मांगलिक दोष जातक के वैवाहिक जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है हालांकि इस प्रकार का मांगलिक दोष आम तौर पर जातक के विवाह में देरी का कारण नहीं बनता तथा इस दोष से पीड़ित अनेक जातक उचित समय पर ही विवाह कर लेते हैं। किन्तु इस प्रकार का मांगलिक दोष जातक के वैवाहिक सुख को कम कर सकता है जिसके चलते इस इस दोष से पीड़ित कुछ जातकों को अपनी पत्नि से पर्याप्त मात्रा में शारीरिक सुख नहीं मिल पाता जिसका कारण जातक और उसकी पत्नि के बीच में शारीरिक तालमेल का ठीक न होना हो सकता है अथवा इस दोष से पीड़ित जातक को किसी न किसी कारणवश समय समय पर अपनी पत्नि से दूर रहना पड़ सकता है जिसके कारण ऐसा जातक स्त्री से प्राप्त होने वाले सुख से वंचित रह जाता है। इस प्रकार के मांगलिक दोष से पीड़ित कुछ जातकों को अपनी पत्नि से दूर किसी अन्य शहर में लंबे समय तक रहना पड़ सकता है जिसका कारण अधिकतर मामलों में इन जातकों की व्यवसायिक विवशता होती है जिसके चलते ऐसे जातक अपनी पत्नि को साथ भी नहीं रख पाते तथा इन्हें अपनी पत्नि से दूर ही रहना पड़ता है। बारहवें घर के मांगलिक दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपनी पत्नि से दूर विदेश में बहुत वर्षों तक रहना पड़ सकता है जिसके कारण इन जातकों के वैवाहिक जीवन के सुख में कमी रहती है।

                 इसके अतिरिक्त बारहवें घर का मांगलिक दोष वैचारिक मतभेद के चलते, पति पत्नि में शारीरिक समन्वय न होने के कारण अथवा अन्य कुछ कारणों के चलते भी जातक को उसकी पत्नि से अलग रहने को विवश कर सकता है तथा अलगाव की यह अवधि कुछ मामलों में कई वर्षों की भी हो सकती है। इस प्रकार के मांगलिक दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाला जातक या उसकी पत्नि विवाह के पश्चात प्रेम संबंध भी बना सकते हैं जिसका मुख्य कारण अपने पति या पत्नि से न प्राप्त होने वाले शारीरिक सुख को प्राप्त करना ही होता है तथा ऐसे प्रेम संबंधो के कारण भी जातक के विवाह में दरार आ सकती है तथा इस दोष के प्रबल होने की स्थिति में ऐसे ही किसी आधार पर जातक का विवाह टूट भी सकता है। बारहवें घर के मांगलिक दोष के बहुत प्रबल होने की स्थिति में कई बार जातक की पत्नि किसी अन्य व्यक्ति के प्रेम संबंध में पड़ कर जातक को छोड़ कर भी जा सकती है तथा बाद में जातक को तलाक भी दे सकती है। यहां पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि इस प्रकार के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले जातक अथवा उसकी पत्नि के द्वारा बनाए जाने वाले प्रेम संबंधों का आधार आम तौर पर शारीरिक आकर्षण तथा शारीरिक सुख पाने की कामना ही होती है तथा इस दोष के प्रभाव के कारण बनने वाले प्रेम संबंध सामान्य तौर पर दिल, मन अथवा भावनाओं से जुड़ने वाले प्रेम संबंध नहीं होते। इस प्रकार बारहवें घर में बनने वाले मांगलिक दोष के कारण जातक को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसका कारण मुख्य रूप से शारीरिक सुख की कमी तथा उस सुख को पूरा करने की कामना ही होती है तथा जिसके चलते इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को सामाजिक अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है।

               बारहवें घर का मांगलिक दोष जातक के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डाल सकता है तथा इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक किसी न किसी प्रकार के रोग से पीड़ित हो सकते हैं जिनका उपचार बहुत लंबा चलता है तथा जिसमें इन जातकों का बहुत सा धन खर्च हो सकता है। इस प्रकार के मांगलिक दोष के अशुभ प्रभाव के कारण जातक का बहुत बार अपनी पत्नि के साथ वाद विवाद भी हो जाता है तथा बहुत बार ये विवाद रात्रि को सोने के समय ही आरंभ होता है जिसके कारण जातक को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है तथा जातक को इस विवाद से पैदा होने वाली परेशानी के कारण कई बार तो नींद भी नहीं आती तथा उसे देर रात तक जागते रहना पड़ सकता है तथा रात्रि के समय होने वाले इस वाद विवाद के कारण जातक को अपनी पत्नि से प्राप्त होने वाले शारीरिक सुख से भी बहुत बार वंचित रहना पड़ सकता है। इस प्रकार सबसे पहले कुंडली के बारहवें घर में बनने वाले मांगलिक दोष के बनने या न बनने का निर्णय कुंडली के सम्पूर्ण अध्ययन के पश्चात लेना चाहिए तथा तत्पश्चात इस दोष के कारण जातक के वैवाहिक जीवन में तथा उसके जीवन के अन्य क्षेत्रों में इस दोष के कारण होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में निर्णय लेना चाहिए। कुंडली के बारहवें घर मे बनने वाले मांगलिक दोष का निवारण वैदिक ज्योतिष में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के उपायों की सहायता से किया जा सकता है जिनमें रत्न, मंत्र, यंत्र तथा कुछ विशेष प्रकार के दान इत्यादि का प्रयोग सम्मिलित है।

लेखक
हिमांशु शंगारी