चौथे घर में मांगलिक दोष

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किसी कुंडली के चौथे घर में अशुभ तथा दोषकारी मंगल के स्थित हो जाने से कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण हो जाता है जो जातक के वैवाहिक जीवन में तथा जीवन के अन्य कई क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है। यहां पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि किसी कुंडली के चौथे घर में मांगलिक दोष बनाने के लिए मंगल का केवल चौथे घर में स्थित होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि चौथे घर में स्थित मंगल का अशुभ तथा दोषकारी होना भी आवश्यक है। चौथे घर में स्थित मंगल के अशुभ तथा दोषकारी न होने की स्थिति में कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण नहीं होता तथा इसके विपरीत चौथे घर में शुभ तथा योगकारी मंगल के स्थित होने से कुंडली में मांगलिक योग का निर्माण हो जाता है जिसके कारण जातक को अपने वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार के शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। मांगलिक दोष के निर्माण के लिए आवश्यक नियमों तथा स्थितियों को जानने के लिए पाठक मांगलिक दोष नामक लेख पढ़ सकते हैं। इस लेख में हम चर्चा करेंगें कि किसी कुंडली में वास्तविक रूप से चौथे घर में मांगलिक दोष बन जाने से जातक को किन प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

                 चौथे घर के मांगलिक दोष का अध्ययन बहुत ध्यान से करना चाहिए क्योंकि किसी कुंडली में उपस्थित इस प्रकार का मांगलिक दोष जातक के वैवाहिक जीवन तथा व्यवसाय दोनों ही क्षेत्रों पर अशुभ प्रभाव डाल सकता है जिसके कारण चौथे घर के मांगलिक दोष को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि वैवाहिक जीवन तथा व्यवसाय निश्चिय ही अधिकतर जातकों के जीवन के दो सबसे अधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र होते हैं तथा इनको प्रभावित करने वाले किसी भी दोष का जातक के लिए बहुत महत्व हो जाता है। चौथे घर के मांगलिक दोष के कारण जातक के वैवाहिक जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती हैं तथा ऐसे जातक को इन समस्याओं के चलते अपनी पत्नि से लंबे समय के लिए दूर भी रहना पड़ सकता है तथा कुछ मामलों में यह दोष जातक का विवाह तोड़ भी देता है। इस प्रकार के मांगलिक दोष से पीड़ित जातक सामान्यतया अपने व्यक्तित्व तथा स्वतंत्रता को बहुत प्रेम करने वाले होते हैं तथा इन्हें अकेले समय व्यतीत करना भी पसंद होता है और विवाह के बाद जब इन्हें अपनी स्वतंत्रता के साथ बार बार समझौता करना पड़ता है तो ऐसे जातक सामान्यतया इस नए वातावरण के अनुकूल अपने आप को ढाल नहीं पाते तथा बेचैनी का अनुभव करने लगते हैं। इस प्रकार के जातक सामान्यता विवाह के बाद भी अपना विवाह से पहले का व्यक्तित्व तथा व्यवहार नहीं बदलते जिसके चलते इनके वैवाहिक जीवन में समस्याएं पैदा होनीं शुरू हो जातीं हैं क्योंकि इन जातकों की पत्नियां चाहतीं हैं कि उनके पति अपना बहुत सा समय उनके साथ व्यतीत करें तथा अपने जीवन के हर क्षेत्र के बारे में उन्हें बताएं जो इन जातकों के लिए बहुत कठिन कार्य होता है तथा इसलिए वे इसे करने से दूर भागते हैं जिसके कारण पति पत्नि में धीरे धीरे तनाव तथा दूरी बढ़ने लगती है।

                इस प्रकार के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले बहुत से जातक अपने साथ जुड़ीं बहुत सीं छोटी बड़ी बातों को केवल अपने तक ही रखना पसंद करते हैं तथा वे इन बातों को किसी के साथ भी बांटना नहीं चाहते जिसके चलते कई बार इन जातकों की पत्नियां इन्हें अविश्वास की दृष्टि से देखना शुरू कर देतीं हैं क्योंकि ऐसे जातक बहुत सी बातों को छिपा कर रखना पसंद करते हैं हालांकि ऐसे बहुत से मामलों में इन जातकों द्वारा छिपाई गईं बातें वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण नहीं होतीं। इन जातकों की पत्नियां सामान्यतया इनके द्वारा छिपाए गए भेद जानने का प्रयास करती हैं जो स्थिति को और भी कठिन बना देता है क्योंकि इन जातकों को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं होता कि कोई इनकी इच्छा के विरुद्ध इनके भेद जानने की कोशिश करे तथा इस कारण पति पत्नि में तनाव और भी बढ़ जाता है। इस प्रकार पति पत्नि के बीच की दूरी बढ़ती जाती है जिसके कारण लड़ाई झगड़े तथा आरोप प्रत्यारोप शुरु हो जाते हैं जो पति पत्नि में अलगाव अथवा तलाक भी करवा सकते हैं।

               मैने इस प्रकार के मांगलिक दोष के कारण लंबा अलगाव या तलाक झेलने वाले बहुत से जातकों से यह प्रश्न किया है कि उन्हें अपने विवाह में ऐसी किस विशेष समस्या का सामना करना पड़ा जिसके चलते उन्हें अलगाव अथवा तलाक का मार्ग चुनना पड़ा। इसके उत्तर में ऐसे बहुत से जातकों ने यह कहा है कि उन्हें अपने वैवाहिक जीवन को चलाने के लिए अपने व्यक्तित्व तथा स्वतंत्रता के विपरीत जाकर बहुत से समझौते करने पड़े तथा उनकी पत्नियां उनके इतने पास आने की कोशिश कर रहीं थी के उन्हें सांस लेने में भी परेशानी होने लगी थी तथा प्रतिदिन बढ़ती जा रही इस घुटन से बचने के लिए उन्होंने अलगाव अथवा तलाक का मार्ग चुन लिया। इस प्रकार चौथे घर के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले जातक अपनी स्वतंत्रता को बहुत प्रेम करने वाले होते हैं और इन्हें ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ निर्वाह करने में कठिनाई होती है जो इनकी स्वतंत्रता को सीमित अथवा समाप्त करने की कोशिश करे। मेरे विचार से इस प्रकार के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले जातकों का विवाह उन जातकों के साथ अधिक सफल रहता है जो इन जातकों के स्वभाव को समझ कर तथा इन पर विश्वास करके इन्हें अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखने दें तथा विवाह के बाद इन जातकों के सभी भेद जान लेने की जल्दी न करें जिससे इन जातकों को धीरे धीरे अपने स्वभाव में आवश्यक परिवर्तन करने का समय मिल जाए तथा ये जातक अपने विवाह तथा वैवाहिक संबंधों को लेकर सहज हो जाएं। चौथे घर के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले जातकों का उन्हीं जातकों के साथ विवाह सफल हो सकता है जो बहुत धीरे धीरे ही इनके पास आने की कोशिश करें तथा जो यदा कदा इन्हें अपने लिए अकेला समय देने की क्षमता रखते हों क्योंकि ऐसे जातकों को आत्मचिंतन तथा आत्ममंथन की आदत होने के कारण इन्हें थोड़े थोड़े समय बाद कुछ समय के लिए अकेले रहने की आदत होती है।

                           चौथे घर के मांगलिक दोष के प्रभाव में आने वाले जातकों को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में भी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके चलते इन जातकों को अपने व्यवसाय में रुकावटों, असफलताओं अथवा हानि का सामना भी समय समय पर करना पड़ सकता है तथा इन जातकों को जीवन में बहुत बार अपना व्यवसाय अथवा नौकरी बदलनी पड़ सकती है। इस दोष के अशुभ प्रभाव में आने वाले जातकों को अपने जीवन काल में कई बार अपने रहने का स्थान भी बदलना पड़ सकता है तथा इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को तो अपने रहने का शहर अथवा देश भी बदलना पड़ सकता है। चौथे घर का मांगलिक दोष जातक को स्वास्थय से संबंधित समस्याएं भी प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के मांगलिक दोष से पीड़ित कुछ जातकों को विभिन्न प्रकार के रोगों का सामना करना पड़ सकता है जो सामान्यतया जानलेवा तो नहीं होते किन्तु फिर भी इन जातकों को लंबे समय के लिए परेशान अवश्य कर सकते हैं। इस प्रकार सबसे पहले कुंडली के चौथे घर में बनने वाले मांगलिक दोष के बनने या न बनने का निर्णय कुंडली के सम्पूर्ण अध्ययन के पश्चात लेना चाहिए तथा तत्पश्चात इस दोष के कारण जातक के वैवाहिक जीवन में तथा उसके जीवन के अन्य क्षेत्रों में इस दोष के कारण होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में निर्णय लेना चाहिए। कुंडली के चौथे घर मे बनने वाले मांगलिक दोष का निवारण वैदिक ज्योतिष में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के उपायों की सहायता से किया जा सकता है जिनमें रत्न, मंत्र, यंत्र तथा कुछ विशेष प्रकार के दान इत्यादि का प्रयोग सम्मिलित है।

लेखक
हिमांशु शंगारी