मंगल दोष

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संबंधित लेख : मांगलिक दोष

मंगल दोष कुंडली के किसी भी घर में स्थित अशुभ मंगल के द्वारा बनाए जाने वाले दोष को कहते हैं जो अपनी किसी कुंडली में स्थिति तथा बल के चलते जातक के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। कुछ ज्योतिष प्रेमी यह समझते हैं कि मंगल दोष और मांगलिक दोष एक ही दोष के दो नाम हैं जो कि आंशिक रूप से ही सत्य है क्योंकि मांगलिक दोष, मंगल दोष की ही एक शाखा है। कुंडली के सभी घरों में स्थित मंगल द्वारा बनाए जाने वाले दोष को मंगल दोष कहते हैं जबकि कुंडली के 1, 2, 4, 7, 8 तथा 12 नंबर घरों में मंगल दोष बनने की स्थिति में इस मांगलिक दोष भी कहा जाता है। आज के इस लेख में हम कुंडली के सभी 12 घरों में मंगल दोष बनने से जन्म लेने वाले कुछ संभावित दुष्प्रभावों के बारे में चर्चा करेंगें।

कुंडली के पहले घर में मंगल दोष : कुंडली के पहले घर में बनने वाले मंगल दोष से जातक के जीवन में आने वाली समस्याओं तथा विपत्तियों का वर्णन पहले घर में मांगलिक दोष नामक लेख में विस्तारपूर्वक किया गया है तथा इसमे रुचि रखने वाले पाठक इस लेख को पढ़ सकते हैं।

कुंडली के दूसरे घर में मंगल दोष : कुंडली के दूसरे घर में बनने वाले मंगल दोष से जातक के जीवन में आने वाली समस्याओं तथा विपत्तियों का वर्णन दूसरे घर में मांगलिक दोष नामक लेख में विस्तारपूर्वक किया गया है तथा इसमे रुचि रखने वाले पाठक इस लेख को पढ़ सकते हैं।

कुंडली के तीसरे घर में मंगल दोष : कुंडली के तीसरे घर में बनने वाला मंगल दोष जातक के व्यवसायिक जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है जिसके चलते इस दोष से पीड़ित जातक को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में असफलता, हानि, विरोधियों द्वारा रचित किसी षड़यंत्र के कारण हानि तथा ऐसी ही कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली के तीसरे घर में बनने वाला मंगल दोष जातक के अपने भाईयों, बहनों तथा मित्रों के साथ संबंध भी खराब कर सकता है जिसका मुख्य कारण प्राय जातक का आक्रामक तथा तर्कवादी स्वभाव होता है जिसके चलते जातक अपने बहुत पास के संबंधियों के साथ भी रिश्ते बिगाड़ सकता है। तीसरे घर का मंगल दोष जातक को आक्रामक के साथ साथ झगड़ालू तथा हिंसक भी बना सकता है जिसके कारण ऐसे जातक को अपने जीवन के अनेक बार अपनी हिंसक प्रवृति के चलते हानि भी उठानी पड़ सकती है जिसमें किसी लड़ाई झगड़े के कारण किसी मुकद्दमें का सामना करना, जेल जाना अथवा अपनी नौकरी से हाथ धोना इत्यादि भी शामिल हैं।

कुंडली के चौथे घर में मंगल दोष : कुंडली के चौथे घर में बनने वाले मंगल दोष से जातक के जीवन में आने वाली समस्याओं तथा विपत्तियों का वर्णन चौथे घर में मांगलिक दोष नामक लेख में विस्तारपूर्वक किया गया है तथा इसमे रुचि रखने वाले पाठक इस लेख को पढ़ सकते हैं।

कुंडली के पांचवे घर में मंगल दोष : कुंडली के पांचवे घर में बनने वाले मांगलिक दोष का जातक की शिक्षा तथा विशेषतया उच्च शिक्षा पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है जिसके कारण इस दोष से पीड़ित जातक को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से संबंधित बहुत सी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है तथा इस दोष के शक्तिशाली होने की स्थिति में जातक को उच्च शिक्षा से वंचित भी रहना पड़ सकता है। तीसरे घर में बनने वाले मंगल दोष के कारण जातक को संतान पैदा करने संबंधित समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है जिसके चलते इस दोष से पीड़ित कुछ जातकों को संतान का सुख देरी अथवा बहुत देरी से होता है तथा इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को तो संतान का सुख प्राप्त ही नहीं होता। स्त्री जातकों की कुंडली में इस प्रकार का मंगल दोष बनने के कारण उन्हें प्रसव से संबंधित भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि इस दोष से पीड़ित कुछ स्त्री जातकों का बच्चा पेट में ही मर सकता है, कुछ स्त्री जातकों का बच्चा पैदा होते ही मर सकता है तथा इस दोष का प्रभाव बहुत प्रबल होने के कारण प्रसव के समय मां तथा बच्चा, दोनों की ही मृत्यु हो सकती है। इस प्रकार के मंगल दोष से पीड़ित स्त्रियों को आम तौर पर लंबे उपचार तथा बहुत कष्ट उठाने के पश्चात ही संतान प्राप्ति होती है तथा इनकी संतान का जन्म आम तौर पर आप्रेशन के द्वारा ही होता है।

कुंडली के छठे घर में मंगल दोष : कुंडली के छठे घर में बनने वाला मंगल दोष जातक को विभिन्न प्रकार की बिमारियों तथा रोगों के माध्यम से कष्ट पहुंचा सकता है जिसके चलते इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक विभिन्न प्रकार के कष्टप्रद रोगों से पीड़ित हो सकते हैं जिसके कारण इन जातकों को अपने जीवन में कई बार शल्य चिकित्सा अथवा सर्जरी भी करवानी पड़ सकती है तथा इस दोष के बहुत प्रबल होने की स्थिति में जातक को कोई प्राण घातक रोग भी हो सकता है जिसके कारण बहुत कष्ट भोगने के पश्चात जातक की मृत्यु हो सकती है। छठे घर का मंगल दोष जातक को व्यवसाय से तथा धन से संबंधित समस्याओं से भी पीड़ित कर सकता है जिसके चलते इस दोष के प्रभाव में आने वाले जातकों को धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को अपने जीवन में कई बार कर्ज भी लेना पड़ सकता है। छठे घर का मंगल दोष जातक को मुकद्दमेबाजी, न्यायालय, पुलिस आदि के माध्यम से भी परेशान कर सकता है जिसके कारण इस दोष से पीड़ित जातकों को धन तथा संपत्ति की हानि उठानी पड़ सकती है, बदनामी का सामना पड़ सकता है अथवा जेल या कारावस में भी जाना पड़ सकता है। इस प्रकार के मंगल दोष के कारण जातक को अपने विरोधियों तथा शत्रुओं द्वारा रचित षड़यंत्रो के कारण भी हानि उठानी पड़ सकती है तथा कुछ मामलों में ऐसे जातक के शत्रु उस पर आक्रमण करके उसे शारीरिक रूप से हानि भी पहुंचा सकते हैं।

कुंडली के सातवें घर में मंगल दोष : कुंडली के सातवें घर में बनने वाले मंगल दोष से जातक के जीवन में आने वाली समस्याओं तथा विपत्तियों का वर्णन सातवें घर में मांगलिक दोष नामक लेख में विस्तारपूर्वक किया गया है तथा इसमे रुचि रखने वाले पाठक इस लेख को पढ़ सकते हैं।

कुंडली के आठवें घर में मंगल दोष : कुंडली के आठवें घर में बनने वाले मंगल दोष से जातक के जीवन में आने वाली समस्याओं तथा विपत्तियों का वर्णन आठवें घर में मांगलिक दोष नामक लेख में विस्तारपूर्वक किया गया है तथा इसमे रुचि रखने वाले पाठक इस लेख को पढ़ सकते हैं।

कुंडली के नौवें घर में मंगल दोष : कुंडली के नौवें घर में बनने वाला मंगल दोष वास्तव में एक प्रकार का पित्र दोष ही होता है जो जातक को उसके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न भिन्न प्रकार से पीड़ित कर सकता है। इस प्रकार का मंगल दोष जातक के भाग्य को निर्बल बना सकता है जिसके चलते जातक को अपने जीवन के बहुत से क्षेत्रों में रुकावटों, असफलताओं तथा हानि का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रकार के मंगल दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक का जीवन बहुत ही दयनीय हो सकता है तथा पूरा परिश्रम और भरसक प्रयास करने के पश्चात भी ऐसे जातक को जीवन के बहुत से क्षेत्रों में कोई विशेष उपलब्धि प्राप्त नहीं हो पाती जो वास्तव में इस प्रकार के मंगल दोष के कारण बनने वाले पित्र दोष का प्रभाव होता है जिसके कारण इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले अधिकतर जातकों को अपना जीवन असफलताओं तथा कमियों की बीच में ही व्यतीत करना पड़ता है।

कुंडली के दसवें घर में मंगल दोष : कुंडली के दसवें घर में बनने वाला मंगल दोष जातक के व्यवसायिक जीवन मे विभिन्न प्रकार कीं समस्याएं पैदा कर सकता है जिसके चलते इस दोष से पीड़ित जातक को अपने व्यवसायिक जीवन में अनेक प्रकार की रुकावटों, असफलताओं तथा हानि इत्यादि का सामना करना पड़ सकता है। दसवें घर का मंगल दोष जातक में अवैध कार्यों के माध्यम से धन अर्जित करने की रुचि को जन्म भी दे सकता है जिसके चलते इस दोष के विशेष प्रभाव में आने वाले कुछ जातक अवैध कार्यों को ही अपना व्यवसायिक क्षेत्र बना सकते हैं तथा इनमें से कुछ जातक तस्कर, माफिया, अपहरण करने वाले, हत्यारे, हथियारों का व्यापार करने वाले, आतंकवादी अथवा आतंकवादी संस्थाओं से जुड़े हुए हो सकते हैं। इस प्रकार के मंगल दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातकों को अवैध कार्यों के साथ जुड़े होने के कारण जेल अथवा कारावास में भी बहुत लंबा समय व्यतीत करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को पुलिस अथवा शत्रुओं द्वारा किये गए आक्रमण के कारण गंभीर शारीरिक घावों का सामना भी करना पड़ सकता है तथा कई बार ऐसे जातकों की इस प्रकार के आक्रमण में मृत्यु भी हो जाती है।

कुंडली के ग्यारहवें घर में मंगल दोष : कुंडली के ग्यारहवें घर में बनने वाला मंगल दोष जातक को आर्थिक रूप से गंभीर हानि तथा क्षति पहुंचा सकता है जिसके चलते इस दोष के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातकों को अपने जीवनकाल में अनेक बार व्यवसाय के माध्यम से, रोगों, दुर्घटनाओं तथा अन्य ऐसी ही अवांछित तथा अप्रिय घटनाओं अथवा स्थितियों के कारण आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। इस प्रकार का मंगल दोष जातक में जुआ खेलने की प्रवृति भी पैदा कर सकता है जिसके चलते ऐसे जातक को जुए, शेयर बाजार तथा लाटरी आदि के माध्यम से आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है। ग्यारहवें घर का मंगल दोष जातक में अवैध कार्यों के प्रति लगाव तथा रुचि भी पैदा कर सकता है हालांकि यह रुचि दसवें घर के मंगल दोष के प्रभाव स्वरूप जन्म लेने वाली रुचि से कम प्रबल होती है जिसके चलते इस प्रकार के मंगल दोष से पीड़ित जातक सामान्यतया अवैध कार्यों में सीधे संलग्न न होकर ऐसे कार्यों में संलग्न व्यक्तियों की सहायता करने वाले होते हैं जिसके फलस्वरूप इन्हें धन की प्राप्ति होती है। इस प्रकार के मंगल दोष के दुष्प्रभाव के कारण जातक को अपने जीवन काल में अनेक बार भिन्न भिन्न कारणों के चलते धन की हानि उठानी पड़ सकती है।

कुंडली के बारहवें घर में मंगल दोष : कुंडली के बारहवें घर में बनने वाले मंगल दोष से जातक के जीवन में आने वाली समस्याओं तथा विपत्तियों का वर्णन बारहवें घर में मांगलिक दोष नामक लेख में विस्तारपूर्वक किया गया है तथा इसमे रुचि रखने वाले पाठक इस लेख को पढ़ सकते हैं।

लेखक
हिमांशु शंगारी